Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Punjab & Haryana High Court

वैधानिक अवधि में हुए अवकाश भी धारा 167(2) के तहत डिफॉल्ट जमानत में गिने जाएंगे - छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

  वैधानिक अवधि में हुए अवकाश भी धारा 167(2) के तहत डिफॉल्ट जमानत में गिने जाएंगे -  छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने यह कहते हुए जमानत याचिका स्वीकृत की, कि अगर 60 दिन के अंदर कोई भी वैधानिक अवकाश  होता है तो वह भी दंड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 167(2) डिफॉल्ट जमानत में गिना जाएगा और मुकदमे निरुद्ध अभियुक्त की 60 दिन के अंदर चार्जशीट ना फाइल होने पर जमानत प्रदान की जाएगी।

Discover The Joy Of Reading

यदि विवाह की पवित्रता के बिना एक साथ रहने का विकल्प चुनने वाले व्यक्तियों को जीवन के संरक्षण के अधिकार से वंचित कर दिया जाता है तो यह न्याय का उपहास होगा

  माननीय उच्च न्यायालय पंजाब एंड हरियाणा (चंडीगढ़) क्रिमिनल रिट पिटिशन संख्या. 4533/2021 (O&M) आदेश दिनांक 18 मई 2021 सोनिया आदि      बनाम      स्टेट ऑफ हरियाणा अंतर्गत धारा :- अनुच्छेद 226 भारतीय संविधान पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष लिव-इन-रिलेशनशिप के सम्बन्ध में एक और रीट पिटीशन पर सुनवाई की गई जिसमें पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने हाल ही में दिए गए आदेश से अलग अवधारणा प्रकट की। माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा की लिव-इन-रिलेशनशिप की अवधारणा सभी के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकती है। लेकिन ऐसा भी नहीं कहा जा सकता कि इस प्रकार की रिलेशनशिप गैरकानूनी है। या फिर बगैर विवाह के साथ रहने से किसी अपराध का गठन होता है। लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रहे कपल्स ने ऑनर किलिंग के डर से माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। " यदि विवाह की पवित्रता के बिना एक साथ रहने का विकल्प चुनने वाले व्यक्तियों को जीवन के संरक्षण के अधिकार से वंचित कर दिया जाता है तो यह न्याय का उपहास होगा " लिव-इन #रिलेशनशिप सामाजिकता और नैतिकता के आधार पर स्वीकार्य नहीं है जस्टिस एच.एस. मदा

Sale Of The Day

Test your knowledge instantly! Let's get started, answer 2 simple questions

 

Yoga Mat 4MM Large with Free Skipping Rope & Carrying Bag

Strauss Double Toning Tube